बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखें घोषित, दो चरणों में होगा मतदान
पटना : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा की। राज्य में मतदान दो चरणों में 7 नवंबर और 11 नवंबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी।
पहले चरण में 121 विधानसभा सीटों पर 7 नवंबर को मतदान होगा। दूसरे चरण के तहत 122 सीटों के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। सत्तारूढ़ भाजपा-जदयू गठबंधन और विपक्षी इंडिया ब्लॉक, जिसमें कांग्रेस और राजद शामिल हैं, के बीच सीधा मुकाबला होने की उम्मीद है।
चुनाव आयोग की एक टीम ने 4 और 5 अक्टूबर को बिहार का दौरा कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की थी। विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन किया गया है, जिसमें नए मतदाता जोड़े गए हैं। भाजपा, राजद और जदयू जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों ने आयोग से एक या दो चरणों में चुनाव कराने का अनुरोध किया था। बैठक में बुर्का पहनने वाली महिलाओं के पहचान सत्यापन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 17 नई पहलें शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को मजबूत और पारदर्शी बनाना है। इनमें सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग शामिल है, जो वास्तविक समय की निगरानी सुनिश्चित करेगी। इसके अतिरिक्त, ईवीएम बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें और बड़े फ़ॉन्ट में सीरियल नंबर पहली बार शामिल किए जाएंगे। मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं के लिए मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
इन सुधारों के साथ, आयोग ने कुछ व्यवस्थागत बदलाव भी किए हैं:
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प्रत्येक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है।
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पोस्टल बैलेट की गिनती अब ईवीएम के अंतिम दो राउंड से पहले पूरी की जाएगी।
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प्रत्याशी अपने एजेंट्स को बूथ से 100 मीटर की दूरी पर तैनात कर सकेंगे।
आयोग ने कहा कि ये उपाय मतदान प्रक्रिया को अधिक कुशल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाएंगे।
सात राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के साथ सात राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की भी घोषणा की है। इन सीटों पर मतदान 11 नवंबर 2025 को होगा और मतगणना 14 नवंबर 2025 को की जाएगी।
उपचुनाव जम्मू-कश्मीर (बडगाम, नगरोटा), राजस्थान (अंता), झारखंड (घाटशिला), तेलंगाना (जुबली हिल्स), पंजाब (तरनतारन), मिजोरम (डम्पा), और ओडिशा (नुआपाड़ा) में होंगे। ये सीटें विधायकों के इस्तीफे या निधन के कारण रिक्त हुई हैं।