झोलाछाप डॉक्टर ने मरीज के गुप्तांग में फंसाई अंगूठी, अस्पताल में बची जान, नारायणपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने मरीज की जान जोखिम में डाल दी। गाँव के एक व्यक्ति को पेशाब में जलन, बुखार और सिरदर्द की शिकायत थी, लेकिन झोलाछाप ने इलाज के बजाय उसे गुप्तांग में अंगूठी पहनने की सलाह दे डाली।
झोलाछाप की सलाह और गंभीर परिणाम
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अजीबोगरीब सलाह: मरीज को जब सामान्य स्वास्थ्य समस्याएँ हुईं, तो उसने गाँव के एक झोलाछाप से संपर्क किया। झोलाछाप ने उसे पारंपरिक इलाज के बजाय गुप्तांग में अंगूठी पहनने की सलाह दी।
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बिगड़ती हालत: अंगूठी पहनने के कुछ ही दिनों बाद मरीज का लिंग सूज गया और अंगूठी बुरी तरह से फँस गई, जिससे उसे असहनीय दर्द होने लगा।
अस्पताल में संघर्ष और राहत
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चिकित्सा सहायता का अभाव: मरीज को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओड़छा ले जाया गया, लेकिन वहाँ एम्बुलेंस की सुविधा न होने के कारण उसे जिला अस्पताल नारायणपुर रेफर नहीं किया जा सका।
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दर्दनाक यात्रा: दर्द से बेहाल मरीज ने आखिरकार 8 सितंबर को मोटरसाइकिल से नारायणपुर पहुँचकर जिला अस्पताल में ओपीडी में परामर्श लिया।
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डॉक्टरों का अथक प्रयास: जिला अस्पताल के डॉ. धनराज सिंह डरसेना और डॉ. शुभम राय ने मरीज की हालत देखकर तुरंत कार्रवाई की। लगभग दो घंटे की कड़ी मेहनत और तालमेल के बाद, उन्होंने सफलतापूर्वक अंगूठी को काटकर मरीज को दर्द से मुक्त किया।
डॉक्टरों और जनता की सराहना
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जीवनरक्षक कार्य: सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद भोयर ने डॉ. धनराज सिंह डरसेना और डॉ. शुभम राय के इस जीवनरक्षक कार्य की सराहना की।
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जनता का सहयोग: मोनू देशमुख, मनोज सोनी, कुणाल और धनेश यादव सहित आम जनता ने भी इस मुश्किल घड़ी में डॉक्टरों का बखूबी साथ निभाया।
यह घटना झोलाछाप डॉक्टरों से होने वाले गंभीर खतरों को उजागर करती है और यह चेतावनी देती है कि हमेशा योग्य चिकित्सकों से ही इलाज कराना चाहिए। मरीज की जान बचाने में जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की भूमिका सराहनीय है।झोलाछाप डॉक्टर ने मरीज के गुप्तांग में फंसाई अंगूठी