गंडई पुलिस के अनुसार, आरोपी भगवती मरकाम ने स्वीकार किया कि उसने शिक्षक बाबूलाल सोरी और उनकी पत्नी सुन्ती बाई की हत्या की। घटना 10 अक्तूबर की सुबह लगभग 6:30 बजे की है। ग्रामीणों ने घर का दरवाजा बंद देखकर पुलिस को सूचना दी थी।
थाना प्रभारी ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था और बिजली की आपूर्ति तथा सीसीटीवी कैमरे की लाइट बंद थी। पड़ोसी दिनेश जंघेल ने बताया कि अंदर गांव का ही भगवती मरकाम मौजूद था, जो ग्रामीणों को देखकर भागने लगा। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस ने बताया कि घर में प्रवेश करने पर आंगन में सुन्ती बाई और बरामदे में बाबूलाल सोरी के शव मिले। दोनों के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। प्रारंभिक जांच में हत्या के लिए लकड़ी के पट्टे का उपयोग किए जाने की पुष्टि हुई।
पूछताछ में आरोपी ने कहा कि उसने बाबूलाल सोरी से 10 हजार रुपये उधार लिए थे, जिसे वह लौटा नहीं पा रहा था। बार-बार ताने और अपमानित किए जाने से नाराज होकर उसने घटना को अंजाम दिया।
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सुबह लगभग 4 बजे खेत की ओर से घर में घुसा, बिजली की लाइन खींचकर बंद की और हत्या की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 356/2025 दर्ज किया है और भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है और बरामद साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
Source: गंडई थाना पुलिस, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला प्रशासन.