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भिलाई से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. भास्कर चंद्राकर की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे तालाब में खिले कमल का फूल तोड़ने के लिए उतरे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश वापस नहीं आ सके।

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 कमल का फूल बना काल, CSVTU के डिप्टी रजिस्ट्रार की तालाब में डूबकर मौत
 कमल का फूल बना काल, CSVTU के डिप्टी रजिस्ट्रार की तालाब में डूबकर मौत

 कमल का फूल बना काल, CSVTU के डिप्टी रजिस्ट्रार की तालाब में डूबकर मौत, भिलाई से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. भास्कर चंद्राकर की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे तालाब में खिले कमल का फूल तोड़ने के लिए उतरे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश वापस नहीं आ सके।

कैसे हुआ हादसा?

यह दुखद घटना भिलाई के उतई थाना क्षेत्र अंतर्गत पतोरा गांव स्थित एक तालाब में हुई। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, डॉ. चंद्राकर कमल का फूल तोड़ते समय तालाब में मौजूद कमल की शाखाओं में उलझ गए। उन्हें तैरना आता था, लेकिन शाखाओं में बुरी तरह फंस जाने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए। ग्रामीणों ने उन्हें तालाब से बाहर निकाला और पास के एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ से उन्हें भिलाई सेक्टर-9 अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने वहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया।कमल का फूल बना काल

प्लॉट देखने निकले थे, रास्ते में हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, डॉ. भास्कर चंद्राकर ड्यूटी खत्म होने के बाद अपने मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) के साथ अपने निर्माणाधीन प्लॉट को देखने निकले थे। जिस रास्ते से वे जा रहे थे, वहीं यह तालाब पड़ता था। तालाब में खिले सुंदर कमल के फूलों को देखकर डॉ. चंद्राकर रुक गए और CFO से कहा कि उन्हें तैरना आता है और वे फूल तोड़कर तुरंत लौट आएंगे। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।कमल का फूल बना काल

CSVTU परिवार सदमे में

CSVTU के कुलसचिव डॉ. अंकित अरोरा ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉ. चंद्राकर, ड्यूटी के बाद CFO के साथ कंस्ट्रक्शन साइट पर गए थे, तभी तालाब में फूल तोड़ने के दौरान यह हादसा हुआ। विश्वविद्यालय परिवार इस असमय हुए निधन से गहरे शोक में है।कमल का फूल बना काल

डॉ. भास्कर चंद्राकर: एक परिचय

लगभग 36 वर्षीय डॉ. भास्कर चंद्राकर मूल रूप से रायपुर के निवासी थे। उनकी मूल पदस्थापना शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, जगदलपुर में थी। वे पिछले चार सालों से प्रतिनियुक्ति पर CSVTU भिलाई में डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे।कमल का फूल बना काल

यह घटना दिखाती है कि जीवन कितना अप्रत्याशित हो सकता है। एक सामान्य दिन, एक शांत तालाब और एक सुंदर फूल - किसे पता था कि ये सब एक जिंदगी की आखिरी याद बन जाएंगे।कमल का फूल बना काल

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    Senior Journalist & Editor, Nidar Chhattisgarh

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